ज़िन्दगी और ये प्लानिंग की नौकरी
ज़िन्दगी और ये प्लानिंग की नौकरी
विद्यार्थी जीवन -युवावस्था के नये दौर में कल्पना शक्ति अपने उफान पर उत्पादित होती है| इतिहास पढने का शौक कभी रहा नही पर इतिहास बनाने का जज्बा हमेशा चर्मोत्कर्ष में जीवंत है। मजबूरियों से ही सही इतिहास को जानकर दूसरे की गलतियों एवं सफलताओं से सीखने का अवसर प्राप्त करने से खुद को संशोधित, परिष्कृत करने में सहायता प्राप्त हुई है | वैज्ञानिक दृष्टिकोण होना ही काफ़ी नहीं है, शायद ऐसा होता तो एम बी टी (मुहम्मद बिन तुगलक) इतिहास का सबसे सफल सुल्तान होता |
किसी शायर ने कहा है कि
किसी शायर ने कहा है कि
फितूर होते हैं हर उम्र के जुदा-जुदा,
खिलौने, माशूका, रुतबा और खुदा |
देश काल और परिस्थितियाँ हमेशा भिन्न होती है खिलौनों का शौक भी बचपन से ही डिजिटल रहा, 1998 के उस दौर से हाथ में विडियो गेम रहा | आते आते 2002 तक contra, mario, allaudin की जैसी 100 से अधिक चिप गेम कैसेट को खत्म कर कूढा करने के साथ ही चार वीडियो गेम प्लेयर्स की धज्जियां उड़ा चुका था। बचपन भी बङा टेक्निकल गुजरा खैर अब भी कौन सा बुढापा है उम्र तो बस इक आंकङा है। पेन्टियम से शुरु होकर आज i7 पर आ गया है बावजूद इसके बाकी के तीन फितूर अपना परिचय नहीं दे पाए |
कल के दबाव में अपने आज को नष्ट करना भी एक तुगलकी फरमान होगा | इच्छा एक ऐसा शब्द है जो हमेशा मुँह को खुला रखती हैं| छह साल प्लानिंग की नौकरी करने के बाद एहसास हुआ कि
खिलौने, माशूका, रुतबा और खुदा |
देश काल और परिस्थितियाँ हमेशा भिन्न होती है खिलौनों का शौक भी बचपन से ही डिजिटल रहा, 1998 के उस दौर से हाथ में विडियो गेम रहा | आते आते 2002 तक contra, mario, allaudin की जैसी 100 से अधिक चिप गेम कैसेट को खत्म कर कूढा करने के साथ ही चार वीडियो गेम प्लेयर्स की धज्जियां उड़ा चुका था। बचपन भी बङा टेक्निकल गुजरा खैर अब भी कौन सा बुढापा है उम्र तो बस इक आंकङा है। पेन्टियम से शुरु होकर आज i7 पर आ गया है बावजूद इसके बाकी के तीन फितूर अपना परिचय नहीं दे पाए |
कल के दबाव में अपने आज को नष्ट करना भी एक तुगलकी फरमान होगा | इच्छा एक ऐसा शब्द है जो हमेशा मुँह को खुला रखती हैं| छह साल प्लानिंग की नौकरी करने के बाद एहसास हुआ कि
जिन्दगी भी प्लानिंग की नौकरी है मेरे दोस्त...............
#prabhukikalamse
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To be continued......
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