इश्के संविधान
मुहब्बत में ये विधि विधान हो जाए, इश्क का भी इक संविधान हो जाए, इकरार हो प्रस्तावना में जिक्र का, प्रेम सदन में इसका बखान हो जाए | पेंबदों पर ना जोर आजमाइश हो, हा- ना का इशारो में ऐलान हो जाए, नजरो के इशारेअनुच्छेद बन जाए, लबो की हंसी का अध्यादेश हो जाए | इश्क मुस्क का भी प्रश्न काल हो, छुप छुपाने का स्थगन प्रस्ताव हो जाए, अपवादो का शून्यकाल हो जाए, प्रियवर का साथी बेमिसाल हो जाए | अनुरागों का खुले में हो वाचन, ...